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प्रथमाध्याये गीताक्षरार्थ:
द्वितीयोऽध्यायः
श्लोक २,३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०, ४१
श्लोक ४२
श्लोक ४३
श्लोक ४४
श्लोक ४५
श्लोक ४६
श्लोक ४७
श्लोक ४८
श्लोक ४९
श्लोक ५०
श्लोक ५१
श्लोक ५२
श्लोक ५३
श्लोक ५४
श्लोक ५५
श्लोक ५६
श्लोक ५७, ५८
श्लोक ५९
श्लोक ६०
श्लोक ६१
श्लोक ६२, ६३
श्लोक ६४
श्लोक ६५
श्लोक ६६
श्लोक ६७
श्लोक ६८
श्लोक ६९
श्लोक ७०
श्लोक ७१
श्लोक ७२
तृतीयाध्यायः
श्लोक २,३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२, १३,१४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
श्लोक ४३
चतुर्थोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४,५
श्लोक ६
श्लोक ७,८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
पञ्चमोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८, ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
षष्ठोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७,८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
श्लोक ४३
श्लोक ४४
श्लोक ४५
श्लोक ४६
श्लोक ४७
सप्तमोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
अष्टमोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
नवमोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
दशमोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
एकादशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८,२९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४,३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
श्लोक ४३
श्लोक ४४
श्लोक ४५
श्लोक ४६
श्लोक ४७
श्लोक ४८
श्लोक ४९
श्लोक ५०
श्लोक ५१
श्लोक ५२
श्लोक ५३
श्लोक ५४
श्लोक ५५
द्वादशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३,४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
त्रयोदशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८,९
श्लोक १०,११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३,२४
श्लोक २५,२६
श्लोक २७,२८,२९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
चतुर्दशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
पञ्चदशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
षोडशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
सप्तदशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
अष्टादशोऽध्यायः
श्लोक २
श्लोक ३
श्लोक ४
श्लोक ५
श्लोक ६
श्लोक ७
श्लोक ८
श्लोक ९
श्लोक १०
श्लोक ११
श्लोक १२
श्लोक १३
श्लोक १४
श्लोक १५
श्लोक १६
श्लोक १७
श्लोक १८
श्लोक १९
श्लोक २०
श्लोक २१
श्लोक २२
श्लोक २३
श्लोक २४
श्लोक २५
श्लोक २६
श्लोक २७
श्लोक २८
श्लोक २९
श्लोक ३०
श्लोक ३१
श्लोक ३२
श्लोक ३३
श्लोक ३४
श्लोक ३५
श्लोक ३६
श्लोक ३७
श्लोक ३८
श्लोक ३९
श्लोक ४०
श्लोक ४१
श्लोक ४२
श्लोक ४३
श्लोक ४४
श्लोक ४५
श्लोक ४६
श्लोक ४७
श्लोक ४८
श्लोक ४९
श्लोक ५०
श्लोक ५१
श्लोक ५२
श्लोक ५३
श्लोक ५४
श्लोक ५५
श्लोक ५६
श्लोक ५७
श्लोक ५८
श्लोक ५९
श्लोक ६०
श्लोक ६१
श्लोक ६२
श्लोक ६३
श्लोक ६४
श्लोक ६५
श्लोक ६६
श्लोक ६७
श्लोक ६८
श्लोक ६९
श्लोक ७०
श्लोक ७१
श्लोक ७२
श्लोक ७३
श्लोक ७४
श्लोक ७५
श्लोक ७६
श्लोक ७७
श्लोक ७८
तुलनात्मक विश्लेषण
द्वितीयोऽध्यायः
तृतीयोऽध्यायः
चतुर्थोऽध्यायः
पञ्चमोऽध्यायः
षष्ठोऽध्यायः
सप्तमोऽध्यायः
अष्टमोऽध्यायः
नवमोऽध्यायः
दशमोऽध्यायः
एकादशोऽध्यायः
द्वादशोऽध्यायः
त्रयोदशोऽध्यायः
चतुर्दशोऽध्यायः
पञ्चदशोऽध्यायः
षोडशोऽध्यायः
सप्तदशोऽध्यायः
अष्टादशोऽध्यायः
प्रश्न-उत्तर
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ये तु सर्वाणि कर्माणि मयि सन्न्यस्य मत्पराः । अनन्येनैव योगेन मां ध्यायन्त उपासते ।। ६ ।।
ये तु सर्वाणि कर्माणि मयि सन्न्यस्य मत्पराः ।
अनन्येनैव योगेन मां ध्यायन्त उपासते ।। ६ ।।
भावरत्नकोशः
गीताक्षरार्थस्तु– मदुपासकानाम् अव्यक्तोपासकानामिव न क्लेशो मोक्षापादन इत्युच्यते– ये तु सर्वाणीति द्वाभ्याम् ।। ‘तु’शब्दः अव्यक्तोपासकेभ्यो भगवदुपासकानां वैशेष्यद्योतकः । ये तु सर्वाणि स्वाश्रमोचितानि कर्माणि सन्न्यस्य ‘सर्वस्वतन्त्रो हरिरेव मयि स्थित्वा स्वपूजात्वेन स्वदत्तकर्तृतासम्पन्नेन मया कारयति’ इत्यनुसन्धाय मत्पराः अहं पर उत्तमो येषां ते तथोक्ताः । मम सर्वोत्तमत्वं जानन्तः, अनन्येन न विद्यतेऽन्यः स्वातन्त्र्येण भजनीयो यस्मिन् सोऽनन्यः, तेन योगेन उपायेन भक्तिलक्षणेन मां ध्यायन्तः चिन्तयन्त उपासते ।। ६ ।।